नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथियों के साथ 9 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से सफलतापूर्वक धरती पर लैंड कर चुकी हैं।

सुनीता विलियम्स फ्लोरिडा कोस्ट पर एक स्पेस एक्स कैप्सूल के जरिए लैंड हुई हैं। उनके धरती पर वापस लौटने पर न सिर्फ अमेरिकी बल्कि हिंदुस्तानी भी खुश हैं और ढोल नगाड़ों से इस खुशी का जश्न मना रहे हैं।सुनीत विलियम्स और उनके साथी एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर सिर्फ आठ दिनों के मिशन के लिए स्पेस स्टेशन गए थे लेकिन वहां पर विमान में खराबी के चलते वो नौ महीने से भी ज्यादा समय तक फंसे रहे और उनकी अब वापसी हुई हैस्पेस में क्या खाते थी सुनीता विलियम्स

सिर्फ आठ दिनों के लिए मिशन पर गए ये एस्ट्रोनॉट नौ महीने तक कैसे जिंदा रहे? इतने दिनों तक उन्होंने क्या खा-पीकर खुद को जिंदा रखा? आइए जानते हैं इन सवालों के सारे जवाबस्पेस में इतने लंबे समय तक रहने से हो सकती हैं ये समस्याएं
स्पेस में इतने महीनों तक रहने से कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान हड्डियों में कमजोरी, द्रव में बदलाव के चलते किडनी में पथरी, आंखों की रोशनी और वापस आने पर शारीरिक संतुलन को दोबारा पहले जैसे करने में कई सारी परेशानियां हो सकती हैं। हालांकि, इन समस्याओं से निपटने के लिए नासा पहले से ही तैयार रहता है।क्या खाते हैं स्पेस यात्री
अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री पिज्जा, रोस्ट चिकन, श्रीम कॉकटेल जैसी चीजों का सेवन करते हैं। दरअसल, पिछले साल 25 सितंबर को ISS ने सुनिता विलियम्स और बुच विल्मोर की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए भोजन की जानकारी दी थी। (कैसा होता है ब्रेकफास्ट
इसके अलावा स्पेस में रहने के दौरान सुनीता विलियम्स ने ब्रेकफास्ट में पाउडर मिल्क, पिज्जा, टुना, रोस्ट चिकन का भी सेवन किया। नासा यात्रा से पहले ही अंतरिक्ष यात्रियों की कैलोरी को मैनेज करने का इंतजाम करता है।कैसे होता है पानी का इंतजाम

इस मिशन के दौरान स्पेस यात्रियों के लिए खाना तैयार करने का पूरा इंतजाम था। मीट और अंडों को धरती से पकाकार ही ले जाया जाता था। वहीं, सूप, स्टू और कैसरोल जैसे डिहाइड्रेट फूड्स को ISS के 530 गैलन वाले ताजे वाटर टैंक के पानी से हाइड्रेट किया जाता थानहीं बर्बाद होता पसीना और पेशाब
इसके साथ ही स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष यात्रियों के पेशाब और पसीने को पीने के पानी में भी रिसाइकिल किया जाता है।हर दिन कितना भोजन करते हैं स्पेस यात्री
स्पेस एक्सपर्ट की मानें तो अंतरिक्ष में खाने की कमी हो सकती है लेकिन भोजन की कमी नहीं है। क्योंकि स्पेस में एक विस्तारित मिशन के लिए पर्याप्त भोजन है। ISS पर हर दिन एक अंतरिक्ष यात्री के लिए करीब 3.8 पाउंड भोजन उपलब्ध रहता हैस्पेस में कैसे पकाते हैं भोजन
वहीं, स्पेस में भोजन को चुंबकीय ट्रे पर धातु के बर्तनों के साथ पकाया जाता है ताकि उसे तैरने से बचाया जा सके।